Sunday, February 7, 2010

फिर किसी की याद आये तो क्या करें,
लैब पर कोई फ़रियाद आये तो क्या करें,
हमने प्यार में इक तस्वीर बनानी चाही,
करने कोई बर्बाद आये तो क्या करें,
जिसे सँवारने में उम्र गुज़र दी हमने,
जिन्दगी करके ख़राब आये तो क्या करें,
तुम सदा सपना रहे,हकीक़त न बन सके,
टूटे हुए वो खवाब आये तो क्या करें !

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